क्रिसमस डे की शुरुआत कब और कैसे हुई? : इसका इतिहास और इसकी शुरुआत: जानिए 25 दिसंबर का रहस्य
✒️ लेखक : R. F. Tembhre Views: 608 प्रकाशन: 24 Dec 2025    अद्यतन: अद्यतन नहीं किया गया

क्रिसमस डे की शुरुआत कब और कैसे हुई? : इसका इतिहास और इसकी शुरुआत: जानिए 25 दिसंबर का रहस्य

क्रिसमस डे का इतिहास और इसका वैश्विक उद्भव

क्रिसमस की ऐतिहासिक शुरुआत क्रिसमस डे जिसे बड़ा दिन भी कहा जाता है, ईसा मसीह के जन्म की खुशी में मनाया जाता है। हालांकि बाइबिल में उनके जन्म की किसी निश्चित तिथि का उल्लेख नहीं मिलता है, लेकिन आधिकारिक तौर पर पहली बार क्रिसमस 336 ईसवी में रोमन सम्राट कॉन्स्टेंटाइन के समय में रोम में मनाया गया था। इसके बाद धीरे-धीरे यह परंपरा पूरी दुनिया में फैल गई।


क्रिसमस की तारीख और प्राचीन मान्यताएं

25 दिसंबर का चयन ईसाई धर्म की शुरुआत में ईसा मसीह के जन्म को लेकर अलग-अलग मत थे। 25 दिसंबर की तारीख को चुनने के पीछे एक मुख्य कारण रोमन त्योहार 'सॉल इनविक्टस' (अजेय सूर्य का जन्म) था। रोम के लोग इस दिन शीतकालीन संक्रांति मनाते थे। ईसाई धर्म के प्रचार के साथ ही इस सांस्कृतिक उत्सव को धार्मिक स्वरूप देते हुए ईसा मसीह के जन्मदिन के रूप में स्वीकार कर लिया गया।

अनछुए पहलू और सांस्कृतिक प्रभाव मध्यकाल के दौरान क्रिसमस का स्वरूप काफी अलग था। इसे मौज-मस्ती और नाच-गाने के पर्व के रूप में देखा जाता था। 17वीं शताब्दी में इंग्लैंड में प्यूरिटन ईसाइयों ने इस पर प्रतिबंध भी लगा दिया था क्योंकि उन्हें यह धार्मिक से अधिक दिखावे वाला पर्व लगता था। बाद में 19वीं सदी में विक्टोरियन काल के दौरान क्रिसमस ट्री और उपहार देने जैसी परंपराएं लोकप्रिय हुईं।


क्रिसमस से जुड़ी महत्वपूर्ण परंपराएं

क्रिसमस ट्री का रहस्य क्रिसमस ट्री की शुरुआत जर्मनी से मानी जाती है। कहा जाता है कि सदाबहार के पेड़ों को घर में सजाने की परंपरा इसलिए शुरू हुई क्योंकि ये पेड़ कड़ाके की ठंड में भी हरे-भरे रहते थे, जो अमर जीवन का प्रतीक माने जाते थे। मार्टिन लूथर को पहला व्यक्ति माना जाता है जिन्होंने सबसे पहले क्रिसमस ट्री पर मोमबत्तियां जलाई थीं।

सांता क्लॉज की कहानी सांता क्लॉज का आधुनिक रूप चौथी शताब्दी के संत निकोलस से प्रेरित है। वे तुर्की के मायरा शहर के बिशप थे और अपनी उदारता के लिए प्रसिद्ध थे। वे आधी रात को जरूरतमंदों और बच्चों को गुप्त रूप से उपहार बांटते थे। यही व्यक्तित्व कालांतर में 'फादर क्रिसमस' या सांता क्लॉज के रूप में विश्व विख्यात हुआ।


आधुनिक काल में क्रिसमस का महत्व

वैश्विक उत्सव आज के समय में यह केवल ईसाइयों का त्योहार नहीं बल्कि एक वैश्विक सांस्कृतिक उत्सव बन गया है। शांति, प्रेम और भाईचारे का संदेश देने वाला यह पर्व आधुनिक समाज में मानवीय संवेदनाओं को जोड़ने का काम करता है।

क्रिसमस के विकास के साथ-साथ यह भी देखा गया है कि मानव सभ्यता ने संवाद के नए तरीके खोजे हैं। जैसे-जैसे समाज विकसित हुआ, मानव उत्पत्ति के साथ भाषा का उदय हुआ, जिसने धर्म और संस्कृति के संदेशों को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुँचाने में मदद की।

अतः क्रिसमस का इतिहास हमें धार्मिकता के साथ-साथ मानव सभ्यता के क्रमिक विकास और उसके सांस्कृतिक एकीकरण की कहानी भी सुनाता है।

आशा है, उपरोक्त जानकारी ज्ञानवर्धक लगी होगी।
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